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siliguri

  • Apr 20 2017 8:19AM

सिलीगुड़ी निगम: शहर की सुंदरता पर दाग लगा रहे अतिक्रमणकारी

सिलीगुड़ी. सिलीगुड़ी शहर की सुंदरता पर अतिक्रमणकारी दाग लगा रहे हैं. शहर के अधिकांश मुख्य सड़क जैसे हिलकार्ट रोड, विधान रोड, सेवक रोड, एसएफ रोड, बर्दमान रोड, हॉस्पिटल मोड़, कचहरी रोड, बाघाजतीन पार्क व अन्य इलाकों में फुटपाथ इन दिनों अतिक्रमणकारियों के दखल में है. फुटपाथ से अवैध दुकानदारों को हटाने में सिलीगुड़ी नगर निगम की वर्तमान बोर्ड पूरी तरह नाकाम है. फुटपाथ से दुकानदारों व गुमटियों को हटाने में निगम की हर मुहिम टांय-टांय फिस्स साबित हो रही है.

कुछ महीने पहले ही निगम और पुलिस प्रशासन के सहयोग से सिलीगुड़ी जिला अस्पताल के मुख्य गेट के पास से लेकर सिलीगुड़ी कोर्ट के सामने कचहरी रोड के फुटपाथ से अतिक्रमणकारी चाय, पान, फल, फास्ट फूड, लॉटरी व अन्य अवैध दुकान-गुमटियों को हटा दिया गया था. निगम के इस मुहिम के तकरीबन महीने भर बाद ही इस इलाके का फुटपाथ वापस अतिक्रमणकारियों के दखल में आ गया है. 
 
वहीं, शहर के हाशमी चौक से हिलकार्ट रोड, विधान रोड, सेवक रोड, एसएफ रोड, बर्दमान रोड के दोनों ओर फुटपाथ को भी निगम आज तक खाली नहीं करा सका. इतना ही नहीं, विधान मार्केट, सेठ श्रीलाल मार्केट, खुदीराम पल्ली भी शहर के सबसे पुराने और काफी महत्त्वपूर्ण बाजारों में हैं, लेकिन इन बाजारों के संकीर्ण रास्तों पर ही अवैध दुकान लगने से हमेशा जाम की समस्या बनी रहती है. साथ ही राह चलनेवालों व वाहन चालकों के साथ दुकानदारों की नोंकझोंक भी अब आम बात हो गयी है. यहां के कई स्थायी दुकानदारों पर अतिक्रमणकारियों से हर रोज या फिर हफ्ता के हिसाब से रूपये वसूल कर अपनी ही दुकानों के सामने अस्थायी दुकान लगाने की इजाजत फुटपाथी व्यवसायियों को देने का आरोप लगा है. सड़क औश्र फुटपाथ पर अतिक्रमण से पैदल चलने वालों को काफी परेशानी होती है. इसके अलावा स्कूल वैन, दमकल इंजन, एंबुलेंस आदि  आपातकालीन सेवा देने में परेशानी होती है. महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को पैदल चलने में खासी परेशानियां उठानी पड़ती है. इसे लेकर एक तरफ शहरवासियों में जहां खौफ व्याप्त है वहीं, विरोधी राजनैतिक दलों ने भी राजनीति शुरू कर दी है. तृणमूल कांग्रेस (तृकां) के नेताओं ने वर्तमान वाम बोर्ड पर नाकामी का तमगा लगा दिया है. तृकां का कहना है कि निगम के वाम बोर्ड द्वारा सिलीगुड़ी का विकास न किये जाने पर मां-माटी-मानुष की ममता सरकार द्वारा शहर का विकास और सौंदर्यकरण किया जा रहा है. 
 
ममता सरकार की पहल पर उत्तर बंगाल विकास मंत्रालय (एनबीडीडी) और सिलीगुड़ी-जलपाईगुड़ी विकास प्राधिकरण (एसजेडीए) द्वारा कई परियोजनाओं के तहत शहर का विकास किया गया. इसी के तहत राज्य सरकार की ओर से शहर के सौंदर्यीकरण को और चार चांद लगाने के लिए बीते कुछ महीने पहले ही शहर के मुख्य सड़क हिलकार्ट रोड एयरव्यू मोड़ से हाशमी चौक, हाशमी चौक से कोर्ट मोड़ और बाघाजतीन पार्क के सड़कों के फुटपाथ को करोड़ों की लागत सजाया गया. लेकिन सजाने का यह फायदा न तो शहर के सौंदर्यीकरण के लिए हो पाया और न ही राह चलते लोगों को. बल्कि फुटपाथ सजाने के बाद अतिक्रमण और अधिक बढ़ गया. शहर के विकास को लेकर लोगों में पर्यटन मंत्री गौतम देव और सिलीगुड़ी के विधायक सह मेयर अशोक भट्टाचार्य द्वारा हमेशा एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का राग अलपाने का भी काफी रोष है. लोगों का कहना है कि शहर के विकास को लेकर किसी भी राजनैतिक दल की भूमिका सही नहीं है. एक तरफ श्री भट्टाचार्य जहां हमेशा राज्य सरकार पर बकाया राशि के अलावा विभिन्न विकास परियोजनाओं के मदों में आर्थिक सहयोग न करने का रोना रोते हैं वहीं, गौतम देव ममता सरकार द्वारा किये जानेवाले शहर के विकास की रफ्तार में निगम की वाम बोर्ड द्वारा रोड़ा डालने का जाप जपते  हैं. शहरवासियों का कहना है राज्य में ममता सरकार और सिलीगुड़ी में वाम बोर्ड की इस दोहरी राजनीति में बेवजह शहरवासी पीस रहे हैं और जानबूझ कर शहर का विकास अवरोध किया जा रहा है.
 
क्या कहना है विधान मार्केट व्यवसायी समिति का : सिलीगुड़ी विधान मार्केट व्यवसायी समिति के प्रमुख चित्तरंजन दास ने अतिक्रमण और जाम की समस्या को लेकर शासन-प्रशासन और शहर की वर्तमान राजनीति को दोषी ठहराया है. उनका कहना है कि इन समस्याओं को लेकर कई बार निगम और पुलिस प्रशासन से समिति द्वारा गुजारिश की गयी लेकिन शासन-प्रशासन की उदासीनता और गंदी राजनीति से शहर की सबसे प्रमुख समस्या अतिक्रमण और जाम की समस्या से शहरवासियों को आजतक मुक्ति नहीं मिल सकी है. श्री दास का कहना है कि हिलकार्ट रोड, विधान रोड का फुटपाथ और मार्केट की संकीर्ण सड़कों पर ही अतिक्रमण का खामियाजा शहरवासी झेल रहे हैं. श्री दास ने यह भी स्वीकार किया है कि मार्केट के ही कई स्थायी दुकानदार भी कुछ रूपयों के लालच में इन समस्याओं को बढ़ावा दे रहे हैं.
 
क्या कहना है एमएमआइसी कमल अग्रवाल का
सिलीगुड़ी नगर निगम में पार्किंग विभाग के मेयर परिषद सदस्य (एमएमआइसी) कमल अग्रवाल ने शहर की सबसे बड़ी समस्या अतिक्रमण और जाम को ठहराया है. उन्होंने कहा कि इन समस्याओं से शहर को कैसे मुक्त किया जाये इसे लेकर बोर्ड बैठक में सबों के साथ विचार-विमर्श किया जायेगा. श्री अग्रवाल का कहना है कि फुटपाथ व्यवसायियों के लिए भी एक कानून है. उसी कानून को ध्यान में रखते हुए सभी के साथ बातचीत के माध्यम से उचित व्यवस्था की जायेगी.
 

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