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ranchi

  • Apr 21 2017 7:38AM

वेटनरी डॉक्टर की पत्नी ने ले ली छात्रवृत्ति

रांची: राज्य सरकार में पशु चिकित्सक (वेटनरी डॉक्टर) की पत्नी ने कल्याण विभाग से छात्रवृत्ति ले ली है, जबकि पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति का लाभ उन्हीं विद्यार्थियों को मिलना है, जिनके परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये से कम है. इधर, चिकित्सक की पत्नी ने अपने परिवार की सालाना आय सिर्फ 70 हजार रुपये बतायी है, जबकि जूनियर पशु चिकित्सकों का वेतन भी प्रति माह 45 हजार रुपये से अधिक है. मामला संज्ञान में अाने के बाद कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव सीके सिंह ने हजारीबाग के उपायुक्त को मामले की जांच करने तथा दोषियों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है.
     
दरअसल पशु चिकित्सक नागेश्वर प्रसाद मेहता की पत्नी संजू कुमारी संत कोलंबस कॉलेज हजारीबाग में बीएससी बायोटेक का कोर्स कर रही है. वह अभी तृतीय वर्ष की छात्रा है. संजू ने गत दो वित्तीय वर्ष (2014-15 तथा 2015-16) में क्रमश: 29520 रु तथा 22520 रु छात्रवृत्ति ली है. वहीं उसने 2016-17 की छात्रवृत्ति के लिए भी आवेदन दिया है. आवेदन के साथ अाय प्रमाण पत्र अॉनलाइन दिये गये है, जबकि इसके साथ दिया जाने वाला जाति व निवासी प्रमाणपत्र अॉफलाइन जमा किया गया है.

आवेदन के साथ सभी प्रमाण पत्र भी अॉनलाइन ही देना है, इसलिए विभाग ने संजू का अावेदन अभी लंबित रखा है. मामला पकड़ में अाने के बाद विभाग ने अाय प्रमाणपत्र जारी किये जाने पर सवाल खड़ा किया है. संयुक्त सचिव ने लिखा है कि सरकारी सेवा में पति के कार्यरत रहने के बावजूद सालाना आय सिर्फ 70 हजार रुपये बताना सही नहीं है. स्पष्ट है कि आय प्रमाण पत्र निर्गत करनेवाले संबंधित कर्मचारी व पदाधिकारी आवश्यक जांच किये प्रमाण पत्र निर्गत कर रहे हैं. इससे अयोग्य श्रेणी के विद्यार्थियों को भी छात्रवृत्ति का लाभ मिल जा रहा है. उपायुक्त से आग्रह किया गया है कि वह दोषी कर्मचारी-पदाधिकारी पर कार्रवाई करने के साथ-साथ छात्रवृत्ति की रकम वापस करायें.
 

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