Advertisement

patna

  • Apr 21 2017 6:13AM

'बापू आपके द्वार' कार्यक्रम मई से, प्रशिक्षित होंगे 48 हजार कर्मी

निर्णय. विभाग तैयारी में जुटा, एक-एक घर में दस्तक दी जायेगी
साक्षरताकर्मियों को मई के पहले सप्ताह तक राज्य स्तर पर ट्रेनिंग दी जायेगी. ट्रेनिंग लेने के बाद ये साक्षरताकर्मी मास्टर ट्रेनर के रूप में अपने-अपने जिले में जायेंगे.
 
पटना : चंपारण सत्याग्रह शताब्दी वर्ष 2017-18 को लेकर अगले एक साल तक 'बापू आपके द्वार' कार्यक्रम चलेगा. इसकी शुरुआत अगले महीने होगी. शिक्षा विभाग इसकी तैयारी में जुटा है. 'बापू आपके द्वार' कार्यक्रम के जरिये घर-घर तक दस्तक दी जायेगी और गांधी के विचारों से लोगों को अवगत कराया जायेगा. 
 
घर-घर दस्तक देने के लिए जन शिक्षा निदेशालय के करीब 48 हजार साक्षरताकर्मियों को लगाया जाना है. इनमें से कई साक्षरताकर्मियों को मई के पहले सप्ताह तक राज्य स्तर पर ट्रेनिंग दी जायेगी. ट्रेनिंग लेने के बाद ये साक्षरताकर्मी मास्टर ट्रेनर के रूप में अपने-अपने जिलों में जायेंगे और मई के दूसरे सप्ताह तक जिले के साक्षरताकर्मियों को प्रशिक्षित करेंगे. साक्षरताकर्मियों को बताया जायेगा कि किस तरह से एक-एक घर में दस्तक देनी है और उन्हें बापू के विचारों से व नशामुक्ति के पक्ष में लोगों को जागरूक करना है.
 
जिलावार साक्षरताकर्मी अगले एक साल का कार्यक्रम तय करेंगे, जिसमें एक-एक घर में दस्तक दी जायेगी. राज्यभर में 1,68,214 बसावट हैं, जिसमें करीब तीन करोड़ परिवार रहते हैं. 
 
साक्षरताकर्मी जिले में आने वाले बसावटों व परिवार के आधार पर एक साल का कार्यक्रम तय करेंगे और टीम तैयार कर हर घर में दस्तक देंगे. एक टीम में दो साक्षरताकर्मी होंगे. वे घर में पहुंच कर लोगों को गांधीजी के विचारों को तो बतायेंगे ही, बिहार में शराबबंदी के बाद अब नशामुक्ति अभियान की भी जानकारी देंगे. गांधीजी के कोटेशन की छोटी पुस्तिका और स्टिकर उस परिवार को देंगे. यह अभियान 21 अप्रैल, 2018 को होने  वाले समापन समारोह के पहले तक चलेगा और पूरा होगा.
 

Advertisement

Comments

Advertisement