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  • May 16 2017 9:50PM

योगी से मिले इस्राइल के राजदूत : नमामि गंगे परियोजना में यूपी को सहयोग की इच्छा जतायी

योगी से मिले इस्राइल के राजदूत : नमामि गंगे परियोजना में यूपी को सहयोग की इच्छा जतायी

लखनऊ : इस्राइल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘नमामि गंगे' परियोजना के तहत उत्तर प्रदेश को सहयोग देने की इच्छा जतायी है. इस्राइल के भारत स्थित राजदूत डेनियल कार्मन ने आज प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की. कार्मन ने कहा कि गंगा नदी के पुनर्जीवन के उद्देश्य से प्रधानमंत्री द्वारा ‘नमामि गंगे' परियोजना प्रारम्भ की गयी है. इसके तहत उत्तर प्रदेश सरकार को उनके देश द्वारा सहयोग प्रदान किया जा सकता है. 

इसके साथ ही प्रदेश में इस्राइल के निवेशकों तथा औद्योगिक प्रतिष्ठानों द्वारा निवेश के सम्बन्ध में भी सहयोग प्रदान किया जा सकता है. मुलाकात के दौरान योगी ने कहा कि भारत और इस्राइल विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग कर रहे हैं. दोनों देशों के सम्बन्ध प्रगाढ हैं. राज्य सरकार कृषि, बागवानी, सिंचाई, ऊर्जा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, स्मार्ट सिटी आदि विभिन्न क्षेत्रों में इस्राइल की दक्षता का सदुपयोग प्रदेश के विकास के लिए करना चाहेगी.

 

उन्होंने कहा कि लगातार घट रहे भू-जल स्तर के कारण वर्तमान में राज्य के अनेक क्षेत्रों को ‘डार्क जोन' घोषित किया गया है. ऐसे इलाकों में जलस्तर को बढ़ाने के लिए इस्राइल द्वारा विकसित तकनीक काफी उपयोगी सिद्घ हो सकती है. बुंदेलखण्ड जैसे क्षेत्र में जल संरक्षण सम्बन्धी कार्यों में भी इस्राइल राज्य सरकार को सहयोग प्रदान कर सकता है.

मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि कृषि, व्यापार, संस्कृति सहित विभिन्न नीति विषयक मामलों में प्रदेश सरकार किस प्रकार इस्राइल के साथ अधिक से अधिक सहयोग कर सकती है, इसके लिए एक संयुक्त दल का गठन किया जाए.

कार्मन ने कहा कि भारत के साथ सम्बन्धों को और मजबूत करना इस्राइल की प्राथमिकता में शामिल है. उन्होंने बताया कि वर्तमान में इस्राइल द्वारा भारत के विभिन्न राज्यों में कृषि तथा बागवानी से जुड़ी 40 परियोजनाओं में सहयोग प्रदान किया जा रहा है. इनमें से 15 परियोजनाएं पूरी हो गयी हैं. उत्तर प्रदेश में भी इस्राइल के सहयोग से दो परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं, जिनमें बस्ती स्थित औद्योगिक विकास केंद्र तथा कन्नौज का सब्जी विकास केंद्र शामिल है. दस से 15 हजार किसानों को लाभान्वित करने वाली ये परियोजनाएं शीघ्र पूरी हो जाएंगी.

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