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gaya

  • Apr 20 2017 9:29AM

लूटकांड: पुिलस के लिए अपराधी बने चुनौती सीसीटीवी में कैद लेकिन पकड़ से दूर

 गया: एक माह पूर्व पीएनबी कर्मचारी की बदौलत लुटेरों को पकड़ कर अपनी पीठ थपथपाने वाली जिले की पुलिस के लिए मुरारपुर स्थित सिगरेट एजेंसी के कर्मचारी को गोली मार कर चार लाख रुपये लूटकांड बड़ी चुनौती बन गयी है. इस बार पुलिस को पीठ थपथपाने का मौका नहीं मिल रहा है. उसे खुद ही हाथ-पैर मार कर अपराधियों तक पहुंचना होगा. हालांकि मामले के खुलासे के लिए जिला पुलिस के तेज तर्रार कहे जानेवाले अफसर लगाये गये हैं. यही नहीं खुद डीएसपी व आइपीएस रैंक के अधिकारी भी रोज मॉनीटरिंग कर रहे हैं, पर उन्हें कुछ भी  हासिल नहीं हो रहा है. अब तक सभी फिसड्डी साबित हो रहे हैं. 
 
बीते शनिवार की सुबह कोतवाली थाना क्षेत्र के  मुरारपुर रोड स्थित एक सिगरेट कंपनी के कर्मचारी को अपराधियों ने गोली मार कर करीब चार लाख रुपये लूट लिये थे. अपराधियों की गोली से कर्मचारी जख्मी हो गया था. वह अपने मालिक के कहे जाने पर बैंक में रुपये जमा करने जा रहे था. संबंधित मामले में पुलिस ने अपराधियों की धर-पकड़ के लिए विशेष टीम गठित कर दी है, पर उस टीम को अब तक कोई खास उपलब्धि नहीं मिली है. सारे के सारे अफसर हवा में तीर मार रहे हैं. खास बात यह भी है कि सीसीटीवी में कैद अपराधियों की पुलिस अब तक शिनाख्त नहीं कर पायी है. यही वजह है कि अपराधी पुलिस के गिरफ्त से कोसों दूर हैं. 
 
सूत्रों का कहना है कि दो दिन पहले पुलिस ने टनकुप्पा व फतेहपुर की ओर संबंधित मामले में रूख किया था, पर वहां से भी वह खाली हाथ लौट गयी. पुलिस  अफसरों   के अनुमान व आशंका दोनों बेकार साबित हुए. खास बात यह भी है कि जिन मुखबिरों पर पुलिस प्रति माह हजारों रुपये खर्च करती है वह भी इनके कोई काम नहीं आ रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि अपराध के खुलासे के लिए बनायी गयी  विशेष टीम के आला अफसर जो टीम की मॉनीटरिंग कर रहे हैं वह भी किसी निश्चित लाइन पर अब तक नहीं पहुंच सके हैं, जिसके आधार पर अपराधियों की शिनाख्त की जाये और उन्हें उनकी मांद से निकाल लिया जाये.  इधर सिटी एसपी अवकाश कुमार से संबंधित मामले में संपर्क नहीं हो सका.

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