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dhanbad

  • Apr 21 2017 8:02AM

बुलेटप्रूफ सफारी से संजीव भेजे गये रांची सेंट्रल जेल

बुलेटप्रूफ सफारी से संजीव भेजे गये रांची सेंट्रल जेल
धनबाद: धनबाद जेल में बंद झरिया के भाजपा विधायक संजीव सिंह को कड़ी सुरक्षा के बीच गुरुवार को सेंट्रल जेल, होटवार (रांची) भेज दिया गया. संजीव अपने चचेरे भाई पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह समेत चार लोगों की हत्या के आरोप में 11 अप्रैल से न्यायिक हिरासत में हैं. उन पर हत्या का षड्यंत्र रचने का आरोप है. धनबाद मंडल कारा से विधायक को बुलेट प्रूफ टाटा सफारी में आधुनिक हथियारों से लैस जवानों के साथ रांची ले जाया गया. बुलेट प्रूफ गाड़ी हजारीबाग से मंगायी गयी थी. विधायक के छोटे भाई मनीष सिंह के साथ कई भाजपा नेता रांची तक गये. 
 
पूर्वाह्न नौ बजे निकले रांची के लिए : संजीव को रांची भेजे जाने को लेकर सुबह छह बजे से ही जेल परिसर में गहमा-गहमी थी. जेल प्रबंधन तैयारियों में जुटा था. जेट गेट पर सिंह मैंशन समर्थकों का आना भी शुरू हो गया. मनीष सिंह भी पहुंचे. तमाम तैयारियों के बाद पूर्वाह्न नौ बजे काफिला रांची के लिए रवाना हुआ. डीटीओ सह प्रभारी जेल अधीक्षक पंकज कुमार साह  विधायक के साथ रांची तक गये. एसडीएम राकेश कुमार व डीएसपी (लॉ एंड  ऑर्डर) डीएन बंका अहले सुबह से ही जेल में जमे हुए थे. दोनों अफसर  धनबाद की सीमा तेलमच्चो पुल तक गये और वहां से लौट आये.              
 
 बुलेट प्रूफ टाटा सफारी में विधायक के साथ पुलिस इंस्पेक्टर स्तर के एक पदाधिकारी व चार आधुनिक हथियारों से लैस जवान बैठे थे. काफिले के आगे-आगे जिला पुलिस का एंटी लैंड माइंस रक्षक चल रहा था. रक्षक में भी आधुनिक हथियारों से लैस जवान थे. ट्रेवलर व टाटा सूमो में सवार सशस्त्र जवान विधायक को स्कॉर्ट कर रहे थे. स्पेशल ब्रांच के पुलिस अफसर जेल से विधायक के निकलने से लेकर रवानगी तक की पूरी जानकारी मुख्यालय को उपलब्ध करा रहे थे. धनबाद जेल में खतरे की आशंका के मद्देनजर प्रशासन की सिफारिश पर संजीव सिंह को होटवार जेल भेजा गया है. 
 
12़ 20बजे पहुंचे सेंट्रल जेल  दो नंबर सेल में शिफ्ट 
संजीव सिंह को दिन के 12़ 20 बजे धनबाद से रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार शिफ्ट कर दिया गया़ उन्हें बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार के अपर डिवीजन के दो नंबर सेल में रखा गया है़   बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में अपर डिवीजन सेल राजनीतिक बंदियों के लिए बनाया गया है़   बताया जाता है कि उन्हेें उसी सेल में रखा जायेगा, जहां इसके पहले पूर्व मंत्री भानु प्रताप साही को रखा गया था़  अपर डिवीजन सेल अन्य कैदी वार्ड से एकदम अलग है़   सामान्य कैदी यहां तक नहीं पहुंच सकते़   हालांकि इस कैदी वार्ड में एसी की व्यवस्था नहीं है़   अधिक गरमी होने पर कूलर की व्यवस्था कर दी जाती है़  वर्तमान में अपर डिवीजन सेल में पूर्व खिजरी विधायक सावना लकड़ा रह रहे है़ं  वह हत्या के आरोप में सजा काट रहे हैं.  

विधायक संजीव सिंह की सुरक्षा को रास्ते भर के थानों की ली गयी मदद
झरिया विधायक संजीव सिंह को  धनबाद से रांची ले जाने के लिए प्रशासन ने हजारीबाग से बुलेट प्रूफ गाड़ी  की मांग की थी. हजारीबाग से यहां गाड़ी सुबह लगभग आठ बजे पहुंची.  अधिकारियों के अनुसार अगर बुलेट प्रूफ गाड़ी समय से आ जाती तो पूर्व से तय  कार्यक्रम के अनुसार सुबह छह बजे बंदियों की गिनती होने के बाद ही ले कर  निकल जाते. बुलेट प्रूफ गाड़ी की मांग गिरिडीह जिला से भी की गयी थी.  लेकिन, गिरिडीह में गाड़ी खाली नहीं थी. 
 
रास्ते में भी थी खतरे की आशंका : विधायक संजीव को धनबाद  से रांची ले जाने के दौरान भी रास्ते में खतरे की आशंका थी. इसी  कारण बुलेट प्रूफ वाहन मंगाया गया. धनबाद से रांची तक मार्ग में पड़ने  वाले सभी थाना की पुलिस ने विधायक के काफिले को अपने-अपने क्षेत्र में स्कॉर्ट किय. जेल से किसी बंदी को दूसरी जगह शिफ्ट करने में पहली बार इतनी सुरक्षा  बरती गयी. नीरज सिंह की हत्या के पहले से ही विधायक पर खुफिया एजेंसी खतरे की आशंका जताती रही है. यही  कारण है कि विधायक को जिला पुलिस के चार अंगरक्षकों के साथ जैप के कमांडों  भी सुरक्षा को मिले थे. पूर्व में विधायक को दुमका जेल भेजने का निर्णय लिया  गया था. भाजपा के वरीय नेताओं के विरोध के कारण सरकारी स्तर पर हस्तक्षेप  हुई और विधायक को रांची होटवार जेल भेजने का निर्णय लिया गया. 
 
हत्या में नामजद हैं संजीव : विदित हो कि 21 मार्च को फारचुनर  वाहन में सवार पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह, उनके चालक घोल्टू महतो, निजी बॉडी गार्ड मुन्ना तिवारी, निजी सहायक  अशोक यादव को सरेशाम स्टील गेट के  समीप गोलियों से भून दिया गया था. पूर्व डिप्टी मेयर के अनुज अभिषेक सिंह  उर्फ गुड्डू ने विधायक संजीव सिंह, मनीष सिंह, पिंटू सिंह, महंथ पांडेय व  गया सिंह पर गोली मारकर हत्या करने की एफआइआर सरायढेला थाना में दर्ज करायी  थी. हत्या का षडयंत्र रचने के आरोप में  पुलिस ने 10 अप्रैल को विधायक संजीव सिंह के खिलाफ कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट  लिया था. विधायक ने 11 अप्रैल को सरायढेला थाना में सरेंडर किया था. पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें जेल भेज दिया था.

रंजय हत्याकांड में पुलिस बड़ी कार्रवाई की तैयारी में
मामा तक पहुंचने के लिए शागिर्दों पर दबिश, बिहार के सीमावर्ती जिले में जमी है पुलिस टीम
धनबाद. झरिया विधायक संजीव सिंह के खासमखास रहे रंजय सिंह की हत्या में पुलिस बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है. पुलिस की एक टीम हत्याकांड में वांछित नंद कुमार सिंह उर्फ रूना सिंह उर्फ बबलू सिंह उर्फ बबलू मामा उर्फ मामा की खोज में बिहार के सीमावर्ती जिलों में कैंप कर रही है. पूर्व में पुलिस को सूचना थी कि मामा नेपाल भाग गया है. पुलिस मामा की फरारी में भी रंजय हत्याकांड से जुड़े षडयंत्रकारियों पर कानूनी शिकंजा कस बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है. 
 
पुलिस टीम को सूचना मिली है कि आर्थिक संकट से जूझ रहे मामा नेपाल से बिहार लौट चुका है. पुलिस दबिश के कारण वह लगातार ठिकाना बदल रहा है. मामा के मोबाइल नंबर बदल जाने से पुलिस को उसका सही लोकेशन नहीं मिल पा रहा है. पुलिस को भरोसा है कि आर्थिक संकट व अपने ऊपर खतरे को देख मामा सरेंडर भी कर सकता है. पुलिस को यह भी सूचना मिली है कि झारखंड में धनबाद के अलावा कोल्हान से भी मामा का संपर्क रहा है. वह धनबाद के बैंक मोड़ थाना के आर्म्स एक्ट व जमशेदपुर के विष्टुपुर थाना के रंगदारी मामले में चार्जशीटेड है. बैंक मोड़ थाना में वर्ष 2008 में हथियार समेत वाहन पकड़े जाने के बाद मामा फरार हो गया था. पिछले साल उसने मामले में जमानत ली है. 
मामा पर आरोप है कि वह बिहार में गांजा का कारोबार भी करता रहा है. मामा के सहयोगी रहे बिनोद तिवारी भी फरार चल रहा है. तेतुलमारी निवासी विनोद मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल को धमकी देने के मामले में जेल जा चुका है. विनोद भी मामा के साथ गांजा कारोबार में शामिल रहा है. मामा गांजा कारोबार में बिहार पुलिस का आरोपित है. मामा के कई संबंधी तेतुलमारी में रहते हैं. पुलिस मामा तक पहुंचने के लिए मुन्ना को भी खोज रही थी. 
 
संतोष व पंकज की खोज में यूपी में छापामारी जारी
धनबाद. नीरज हत्याकांड में वांछित संतोष व पंकज की तलाश में धनबाद पुलिस की टीम ने गुरुवार को यूपी में कई स्थानों पर छापामारी की है. धनबाद पुलिस को छापामारी में यूपी एसटीएफ भी मदद कर रही है. जिले के दो थानेदार पुलिस बल के साथ यूपी में कार्रवाई कर रहे हैं. पुलिस को सूचना है कि पंकज व संतोष साथ-साथ हैं. यूपी से सटे बोर्डर होकर दोनों के नेपाल भागने की भी आशंका है. नीरज हत्याकांड में संतोष पर शूटर पंकज, विजय व मोनू समेत चार को धनबाद लाने का आरोप है. संतोष के कहने पर डब्लू मिश्रा ने शूटरों को कुसुम बिहार में किराये का मकान दिलाया था. हत्या को अंजाम देकर 21 मार्च को ही दो शूटर ट्रेन व दो संतोष के साथ सड़क मार्ग से धनबाद से भागे हैं. पुलिस का दावा है कि रंजय का संतोष व पंकज काफी करीबी रहा है. रंजय के माध्यम से ही संतोष व पंकज पहले भी धनबाद आता-जाता रहा है.
 
 

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