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crime

  • Apr 21 2017 7:26AM

लक्की ड्रॉ में गिफ्ट देने के नाम पर ठगी करनेवालों का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

रांची: लक्की ड्रा के नाम पर गिफ्ट देने का लालच देकर रुपये की ठगी करनेवाले गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है. धुर्वा और तुपुदाना पुलिस ने गुरुवार को बसारगढ़ में छापेमारी कर गिरोह के दो सदस्य मुकेश और अखिलेश को गिरफ्तार किया है. दोनों की गिरफ्तारी बसारगढ़ स्थित किराये के एक मकान से हुई है. दोनों किराये पर मकान लेकर ऑफिस चलाते थे. मुकेश हीनू का और अखिलेश नवादा के हिसुआ का रहनेवाला है. 

कमरे की तलाशी के दौरान पुलिस ने डाक टिकट, स्पीड पोस्ट की मुहर और एक डायरी बरामद की है. डायरी में हजारों लोगों के मोबाइल नंबर हैं. दोनों ने  फोन कर  लक्की ड्रॉ के नाम पर गिफ्ट देने का लालच देकर हजारों लोगों से रुपये ठगी करने की बात स्वीकार कर ली है. दोनों ने पूछताछ में बताया है कि गिरोह का सरगना देवघर का एक युवक है. गिरोह में आठ- 0 सदस्य हैं.

चार लोगों का नाम दोनों ने पूछताछ में पुलिस को बताया है. दोनों ने यह भी बताया कि वे ओड़िशा के मयूरभंज स्थित एक पोस्ट ऑफिस के जरिये ठगी करते थे. गिरोह को वहां के कर्मी और पोस्ट मास्टर भी सहयोग करते हैं. ठगी में मिले रुपये से 15 हजार प्रति माह पोस्ट मास्टर को दिये जाते थे. इसके अलावा अन्य कर्मियों को भी कमीशन के रूप में रुपये दिये जाते थे. गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों के नाम और पते का सत्यापन पुलिस कर रही है. पुलिस उनसे अन्य बिंदुओं पर भी पूछताछ कर रही है. खबर लिखे जाने तक केस दर्ज करने की प्रक्रिया जारी थी.
 
गिरोह के सदस्य कैसे करते थे ठगी : गिरोह के सदस्यों ने पूछताछ में बताया कि वे पहले किसी को फोन कर बताते थे कि आपके नाम पर कंपनी की ओर से लक्की ड्रॉ निकला है. गिफ्ट के रूप में आपको 31 सौ रुपये और सोने की अंगूठी दी जायेगी. अपना पूरा पता हमें बता दें, ताकि गिफ्ट आपके घर तक स्पीड पोस्ट के जरिये भेजा जा सके. गिरोह के सदस्यों ने बताया कि वे पता लेने के बाद लिफाफा में चेक के अाकार का एक पेपर का टुकड़ा और सोने के बजाय लोहे की अंगूठी डाल कर पैक कर देते थे.  ओड़िशा के पोस्ट ऑफिस के जरिये लिफाफे को विभिन्न स्थानों पर भेजते थे. लिफाफे के ऊपर लिखा होता था कि वीपीपी चार्ज के रूप में नकद 31 सौ रुपये देने होंगे. कस्टमर से ठगी किये गये रुपये पोस्ट ऑफिस में जमा हाेते थे. वहां से वे समय-समय पर पोस्ट ऑफिस का कमीशन काट कर अपने रुपये ले लेते थे.
 

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