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  • May 19 2017 9:28AM

बीसीसीआइ के कार्यकारी सचिव अमिताभ चौधरी पर 196.23 करोड़ के घोटाले का आरोप

बीसीसीआइ के कार्यकारी सचिव अमिताभ चौधरी पर 196.23 करोड़ के घोटाले का आरोप

रांची : बीसीसीआइ के कार्यकारी सचिव व झारखंड राज्य क्रिकेट संघ के पूर्व अध्यक्ष अमिताभ चौधरी पर अकूत संपति अर्जित करने का आरोप लगाया गया है. गुरुवार को झारखंड राज्य क्रिकेट संघ के आजीवन सदस्य व लोहरदगा जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष प्रवीण सिंह व क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बिहार (सीएबी) के सचिव आदित्य वर्मा ने संयुक्त रूप से आरोप लगाया है कि अमिताभ चौधरी ने 2010 से 2015 के बीच अपने सहयोगी रंजीत कुमार सिंह के साथ मिल कर बीसीसीआइ द्वारा मिले 196.23 करोड़ रुपये की बंदर बांट की है. दोनों ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (सीएबी) से इस मामले की जांच करने की मांग की है. इस संदर्भ में ब्यूरो में ज्ञापन दिया गया है.

रंजीत के साथ मिल कर झारखंड में खरीदी प्रापर्टी

संवाददाता सम्मेलन में अमिताभ चौधरी ने अपने तत्कालीन आरक्षी रंजीत कुमार सिंह के साथ मिल कर झारखंड में कई जगहों पर भव्य मकान के साथ कई जगहों पर जमीन ली है. प्रवीण सिंह ने कहा कि अमिताभ चौधरी 1985 से 2013 तक भारतीय पुलिस सेवा के पदाधिकारी रहे हैं. सरकारी सेवा में कार्यरत अवधि की प्राप्त धनराशि से इतनी संपति अर्जित करना कहीं से संभव नहीं है. आरक्षी रंजीत कुमार सिंह जेएससीए के सदस्य अमिताभ चौधरी के संरक्षण में करोड़ों का मालिक बन बैठा है.

अमिताभ चौधरी ने जांच आदेश को किया प्रभावित

वरीय पुलिस अधिकारी होने के नाते अमिताभ चौधरी ने अपने विरुद्ध चल रहे जांच को प्रभावित किया है. 30 जून 2015 को मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा खेल सचिव को जांच का आदेश दिया गया था. लेकिन चौधरी द्वारा खेल सचिव को रांची जिला क्रिकेट संघ का अध्यक्ष बना दिया गया, जिसके कारण जांच अभी तक लंबित है. यही नहीं अभी तक तत्कालीन लोकायुक्त, बीसीसीआइ सेवानिवृत न्यायाधीश एपी सिंह द्वारा जांच का आदेश लंबित है. स्टेडियम के लिए एचइसी की लगभग दो एकड़ जमीन पर अवैध रूप से कब्जा किया गया, इसकी जांच भी अभी तक लंबित है.

सचिव की जगह पूर्व सचिव ने बीसीसीआइ बैठक में लिया भाग

मौके पर आदित्य वर्मा ने कहा कि अमिताभ चौधरी ने लोगों की आंखों में धूल झोंकने के लिए एडहॉक कमेटी का गठन किया है. यही कारण है कि बीसीसीआइ की तीन बैठकों में वर्तमान सचिव देवाशीष चक्रवर्ती की जगह पूर्व सचिव राजेश वर्मा बॉबी ने शिरकत की. यह पूरी तरह से सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का अवमानना है. इस संदर्भ में मैंने अवमानना का मामला सुप्रीम कोर्ट में दर्ज कराया है. प्रेस कांफ्रेंस में जेएससीए के पूर्व उपाध्यक्ष प्रवीण सिंह, आरडीसीए के पूर्व सचिव सुनील सिंह भी मौजूद थे.

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