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bhagalpur

  • Apr 21 2017 5:17AM

प्रशासनिक अधिकारी से विजिलेंस टीम ने की पूछताछ

 एनएच-80 का मामला

डीएम ने एनएन-80 ऊंचा निर्माण में करायी थी प्रशासनिक जांच
 
 भागलपुर : एनएच-80 के पटल बाबू रोड की ऊंचाई मामले में विजिलेंस की टीम गुरुवार को जिला प्रशासन के प्रशासनिक पदाधिकारियों से मिली. वरीय उप समाहर्ता अमलेंदु कुमार व जिला भू अर्जन पदाधिकारी जितेंद्र प्रसाद साह से सड़क निर्माण से जुड़े कागजात को लेकर पूछताछ की. डीएम आदेश तितरमारे ने हाइकोर्ट के निर्देश पर एसडीसी अमलेंदु कुमार व एक अभियंता की टीम से सड़क निर्माण की जांच करायी थी. सड़क निर्माण की जांच के दौरान जिला भू अर्जन पदाधिकारी जितेंद्र प्रसाद साह विधि शाखा के प्रभार में थे. विजिलेंस टीम को दोनों ही पदाधिकारियों से पूछताछ की. एसडीसी अमलेंदु कुमार ने जांच रिपोर्ट की कॉपी विजिलेंस को शुक्रवार तक देने की बात कही. एसडीसी अमलेंदु कुमार से पूछा कि प्रशासनिक जांच के दौरान उनका क्या मंतव्य था.
 
उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण के दौरान नाला निर्माण का प्रावधान था, लेकिन सड़क निर्माण के बाद ही एजेंसी को क्लोजर सर्टिफिकेट देते हुए पेमेंट कर दिया गया. नाला का निर्माण नहीं होने से सड़क के दोनों ओर बसे लोगों को जलजमाव की समस्या हो गयी. विजिलेंस एएसपी सह जांचकर्ता संजय भारती की टीम  ने विधि शाखा के प्रभारी रहे जितेंद्र प्रसाद साह से केस से जुड़े अहम  कागजात के बारे में पूछा तथा कुछ कागजात की छायाप्रति भी ली.
 
12 से 15 अधिकारी-कर्मचारी जांच के घेरे में : एनएच 80 ऊंचा निर्माण से जुड़े कागजात व साक्ष्य संलिप्त अधिकारियों के गले की फांस बन सकता है. निर्माण के दौरान कार्यरत चीफ इंजीनियर, सुपरिटेंडेंट इंजीनियर, कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, एकाउंटेंट, एमबी बुक करने वाले सहित 12 से 15 अधिकारी व कर्मचारियों इस जांच के घेरे में हैं. पीक्यूसी निर्माण से पहले पांच-छह तरह के काम हुए हैं या नहीं, इसकी सत्यता की जांच होगी. 
 
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