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asansol

  • May 19 2017 9:29AM

बिजली कंपनियों को कोयला सप्लाई की नयी नीति

पीएम की अध्यक्षता में वित्तीय मामलों की कमेटी ने दी इसे मंजूरी
कंपनियों को पर्याप्त कोयला मिलने से बिजली दर में आयेगी कमी
सांकतोड़िया : विभिन्न थर्मल पावर प्लांटों में कोयले की पर्याप्त सप्लाइ सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने घरेलू स्तर पर कोयले के इस्तेमाल और सप्लाइ को प्रभावी व पारदर्शी बनाने की नई नीति को मंजूरी दे दी है. इस नीति को ‘शक्ति’नाम दिया गया है. 
 
सूत्नों ने बताया कि नयी कोयला सप्लाइ नीति से व्यवस्थित तरीके से थर्मल पावर प्लांटों को ईंधन की सप्लाइ करने में मदद मिलेगी. प्रधानमंत्नी नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की केबिनेट समिति (सीसीइए) ने उल्टी नीलामी के जरिए बिजली घरों को कोयला की सप्लाइ की मकसद से इस नीति को मंजूरी दी है. सरकार का मानना है कि इससे तीस हजार मेगावाट बिजली उत्पादन करने वाली थर्मल पावर कंपनियों को सीधा फायदा मिलेगा. 
 
इससे बिजली की कीमतों को कम करने में भी मदद मिलेगी. नई नीति के तहत थर्मल पावर कंपनियों को कोयला की सप्लाइ करते समय उनसे खरीदी जाने वाली बिजली की दर भी तय की जायेगी. निजी कंपनियां बोली लगाते समय बिजली की दरों में कुछ रियायत की मांग कर सकती है. जिसे बाद में भुगतान में समायोजित किया जायेगा. राज्यों की बिजली जरूरतों का औसत तय किया जायेगा और उन्हें बोली के आधार पर तय की गई दर के आधार पर बिजली दी जायेगी. 
 
मंत्नालय का कहना है कि नई नीति से थर्मल पावर प्लांटों में उनकी जरु रत के मुताविक कोयला की सप्लाइ की उचित प्रणाली तैयार होगी. उपभोक्ताओं को सस्ती दर पर बिजली उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी. नई नीति से जल्द बनकर तैयार होने वाले थर्मल पावर स्टेशनों को कोयला मिलने का रास्ता भी साफ होगा

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