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asansol

  • May 19 2017 9:27AM

मृत चार ठेका श्रमिकों के आश्रितों को मिला नियोजन

 बर्नपुर : आइएसपी प्रबंधन ने सीसीपी प्लांट में हुयी दुर्घटना में मृत सभी ठेका श्रमिकों के आश्रितों को कोऑपरेटिव  सोसाइटी में एस वन ग्रेड में नियोजित करने का निर्णय लिया है.  इस फैसले के बाद  इस मांग के समर्थन में पिछले दो दिनों से चल रहा केंद्रीय यूनियनों का संयुक्त धरना गुरुवार को  समाप्त हो गया.  सनद रहे कि आइएसपी की पांच केंद्रीय  यूनियनों ने आश्रितों को नौकरी देने की मांग के पक्ष में आंदोलन शुरू किया था. 

सनद रहे कि इस मुद्दे पर प्रबंधन तथा यूनियन नेताओं के बीच कई दौर की वार्ता हुयी थी. लेकिन प्रबंधन ने सिर्फ मुआवजा देने पर सहमति जतायी थी. आश्रितों के नियोजन में असमर्थता जताने के बाद  सभी श्रमिक यूनियनों  ने संयुक्त रूप से धरना देने का निर्णय लिया.
पिछले मंगलवार से प्रबंधन को सूचित करने के बाद श्रमिक संगठन टनल गेट पर  प्रभावित परिवार के  आश्रित माताओ के साथ मिलकर धरना शुरू किया. इसके बाद मंगलवार को प्रबंधन की ओर से कोई सकारात्मक रूख देखने को नही मिला.
 
बुधवार को प्रबंधन ने यूनियन से बात करने के बाद मृत श्रमिको  की आत्मा की शांति के लिए एक मिनट का मौन रखने का अनुरोध किया. साथ ही आठ बजे रात को कार्यकारी निदेशक (कार्मिक व प्रशासनिक) सिप्तांशु प्रसाद तथा महाप्रबंधक (कार्मिक व प्रशासनिक) सीएस सिन्हा ने यूनियन के साथ बैठक की. जिसमें प्रबंधन की ओर से आइएसपी की को ऑपरेटिव  सोसाईटी में नौकरी दिये जाने का प्रस्ताव रखा गया था. लेकिन बैठक में सर्व सहमति नहीं बन पायी थी. 
 
गुरूवार की सुबह सात बजे से वापस धरने पर बैठे श्रमिक नेताओ को प्रबंधन ने बैठक के लिए आंमत्रित किया. जिसमें आसनसोल ऑयरन एंड स्टील वर्कर्स यूनियन (इंटक) के महासचिव हरजीत सिंह, अध्यक्ष गोरी शंकर सिंह, विजय सिंह, आयरन स्टील एंड इंजीनियरिंग वर्कर्स यूनियन(एचएमएस)  के महासचिव मुमताज अहमद, एबीके मेटल एंड इंजीनियरिंग वर्कर्स यूनियन (सीटू) के महासचिव  सुभाशीष बोस, उत्तम चटर्जी, शांतिमय भट्टाचार्या, बर्नपुर इस्पात कर्मचारी संघ  (बीएमएस) के  महासचिव दीपक कुमार सिंह, रवि शंकर सिंह, यूनाईटेड आयरन एंड स्टील वर्कर्स यूनियन (एटक)  के उत्पल सिन्हा, आर एन सिंह, राजेश बेहरा आदि उपस्थित थे.  बैठक में प्रबंधन की ओर से आईएसपी  कोऑॅपरेटिव सोसायटी के चेयरमैन सह कार्यकारी निदेशक (कार्मिक व प्रशासनिक) श्री प्रसाद, महाप्रबंधक (कार्मिक व प्रशासनिक) श्री सिन्हा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे. 
 
बैठक में चारो प्रभावितो के आश्रितो को नियोजित करने का निर्णय लिया गया. उन्हें मासिक वेतन (एस वन ग्रेड) के तहत 21,500 रूपये मिलेगा. आशीष सिक्का तथा आशीष साव को बाद में एनजेसीएस की बोर्ड की बैठक में स्थायी तौर पर सेल में रखने का प्रस्ताव रखा जायेगा. इसकी मंजूरी के बाद एग्रेसिव भुगतान की राशि लौटने के बाद सेल में नियुक्ति दी जायेगी.  
 
शंकर नाग तथा संजीव चटर्जी के बहनो को कॉपरेटिव सोसाइटी के वेतन (एस वन ग्रेड) के तहत 21,500 रूपये पर नियुक्ति दी जायेगी. साथ ही सभी के परिवार को ठेकेदार की ओर से पांच लाख, इएसआइ से  सात लाख, एग्रेसिव भुगतान नौ लाख कुल मिलकार 22 लाख रूपये की राशि मुआवजे के तौर पर मिलेगी.  इएसआइ तथा पीएफ पेंशन की सुविधा भी मिलेगी.  इस पर प्रबंधन ने समझौते पर हस्ताक्षर कर दिया. इसके बाद 12.30 बजे यूनियन की ओर से धरना समाप्त करने की घोषणा की गयी. 
 
प्रबंधन द्वारा नियोजन पर सहमति जताने पर आंदोलनरत यूनियन नेताओं ने इसे श्रमिकों की जीत बताया. इंटक यूनियन नेता हरजीत सिंह ने कहा कि प्रबंधन ने यूनियन की मांगो को स्वीकार कर लिया है. इस कारण धरना को समाप्त कर दिया गया है. प्रबंधन ने उनकी कुछ शर्त्त को मान लिया है.  एनजेसीएस की बैठक में दो श्रमिको के आश्रितो को स्थायी नौक री का प्रस्ताव रखा जायेगा. इसके लिए प्रबंधन की ओर से समझौते पर हस्ताक्षर किया है. 
 
एचएमएस  नेता श्री अहमद ने कहा कि प्रबंधन की ओर से सकारात्मक पहल के बाद धरना को समाप्त कर दिया गया. प्रभावित श्रमिको के परिजनो ने यूनियन की सार्थक कोशिशो का स्वागत किया है. धरने पर बैठी महिलाओ ने आईएसपी के पांचो श्रमिक यूनियन को धन्यवाद ज्ञापन किया. आईएसपी के जनसंपर्क अधिकारी भाष्कर कुमार ने कहा कि प्रबंधन प्रभावित परिवार को हर प्रकार से सहायता के लिए तैयार है. उनके परिवार को मुआवजा दिया  जायेगा. कर्मस्थान का कर्मियो के साथ बड़ा  गहरा संबध होता है. आइएसपी भी अपने कर्मियो के सुख-दु:ख का चिंतन करता है. आहत परिवार की हर प्रकार से सहायता की जायेगी.       
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